ईंटों का एक मकान,

घर होता तो बात अलग थी,

अब वो केवल थी संपत्ति |

तिनका-तिनका जोड़ा जिसको,

टुकड़ा-टुकड़ा बिखर गया वो |

माँ-बाबा की परवाह किसे थी,

मृत्यू अभी हाल हुई थी

होनहार ये पूत बड़े हैं,

‘मिट्टी’ पर ही झगड पड़े थे

जीवित होने पर बात अलग थी |
भूल चुके रिश्तों की डोरी

ब्याह कर सारे इतर हो चुके

इनमें सिर्फ़ खिन्नता बसे है,

बँटवारे की आस लगी है |

ईंटों का ये एक मकान,

घर होता तो बात अलग थी |

ईंटों का एक मकान,
घर होता तो बात अलग थी,अब वो केवल थी संपत्ति |

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