जून २०१७ मों भारत एक ऐतिहासिक पल का ग़वाह बनेगा | तैयार हो रहीं है भारत की हवाई विरांगनाएँ | भारतीय वायुसेना के ८३ वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा | अब महिलाएँ भी सुकोई की रफ़्तार आज़मा पाएँगी | फ़ाइटर प्लेन्स के कॉकपिट उनका इंतज़ार कर रहे हैं | केंद्र सरकार ने महिलाओं की फ़ाइटर पायलेट्स के तौर पर नियुक्ति की मंज़ूरी दे दी है | अब महिलाएँ भी लड़ाकू विमान उडाएँगी | ८अक्टूबर को ही भारतीय वायु-सेना दिवस पर चीफ़ मार्शल अनूप राहा ने इस प्रस्ताव का ज़िक्र किया था | केंद्र सरकार ने भी इसे मंज़ूरी देकर एक बड़ा कदम उठाया है | ईसी घोषणा के साथ तैयार हो रहा है भारतीय वायु-सेना का पहली महिला फ़ाइटर्स का दस्ता |

यह ज़िम्मेदारी अब तक महिलाओं को नहीं दी गई थी | फ़िलहाल भारतीय वायु-सेना में १३०० से ज़्यादा महिलाएँ हैं | १९९२ में इनकी भर्ती शुरू हो गई थी | इनमें केवल ९४ पायलेट हैं और १४ नैवीगेटर्स हैं | बाकी सभी ग्राउंड स्टाफ़ हैं जो मौसम, अक्काउन्ट्स और लॉजिस्टिक्स पर नज़र रखती हैं | अमेरिका, यूएई, चीन और इज़रायल में ही अब तक महिलाओं को लड़ाकू विमान उडाने की इजाज़त थी |
हैदराबाद के एयर-फ़ोर्स एकैड्मी में सात कैडेट्स इस उडान को भरने के लिए तैयार हो रहीं हैं | प्रशिक्षण के बाद चयन किये गए कैडेट्स जून २०१६ में फ़ाइटर स्ट्रीम में नियुक्त कर दी जाएँगी | एक साल के और प्रशिक्षण के बाद इनमें से कोई एक भारत की सबसे पहली महिला फ़ाइटर पायलेट बनने के गौरव की हक़दार हौगी | जून २०१७ से आएगा ये नया दौर जब महिलाएँ इस रोमांचक सफ़र पर निकल पडेंगी | इस फ़ैसले के बाद सबकी निग़ाहें भारतीय सेना और नेवी पर है | टैंक, लड़ाई के मैदान और फ़ील्ड के चैक-पोस्ट अब भी महिलाओं की पहुँच से दूर हैं | हालांकि १९९२ के बाद सेना में महिलाओं की नियुक्ति शॉर्ट सर्विस के लिए की जाने लगी | २००८ के बाद स्थिती और सुधरी है | अब कुछ क्षेत्रों में महिलाओं को स्थायी रूप से भी भर्ती किया जाने लगा है | अब वे ५४ साल तक की उम्र तक सेवा में रह पाएँगी |

पहली बार महिलाओं की क्षमता को युद्ध क्षेत्र और स्थितीयों में आज़माया और परख़ा जायेगा | सुकोई के सपने तो सच हो रहे हैं, उम्मीद यह है कि जल्द ही ये कदम टैंकों के तरफ़ भी बढ़ेंगें ताकि महिलाओं को सेना में भी बराबर की ज़िम्मेदारियों, सम्मान और मौके से नवाज़ा जाये | तो इस जश्न के लिए अपना जाम तैयार रखिये और बाकी फ़ाइटर पायलेट्स अपने क्रयू महिलाओं के स्वागत के लिये तैयार रखें |

Advertisements